50 बच्चे, 45 देश, गंदे वीडियो, 10 साल... बच्चों के यौन उत्पीड़न की इनसाइड स्टोरी, जिसमें पति-पत्नी को मिली फांसी

 बांदाः जिले के पॉस्को कोर्ट पर उस वक्त सबकी निगाहें टिकी हुई थीं, जब कोर्ट में बच्चों के यौन उत्पीड़ने के मामले में दोषी करार दिए गए पति-पत्नी को फांसी की सजा सुनाई गई थी. यह पूरा मामला वर्षों पुराना है, जिसमें अब जाकर फैसला आया है. इस केस में बच्चों के यौन उत्पीड़ना का ऐसा घिनौना मामले सामने आया था, जिसको सुनकर हर किसी का कलेजा दहल गया था. मासूम बच्चों के साथ पति-पत्नी ने ऐसा जघन्य अपराध किया है कि

क्या था पूरा मामला?

निलंबित सिंचाई विभाग के इंजीनियर रामभवन और दुर्गावती पर आरोप था कि वे बच्चों का यौन शोषण कर उनके वीडियो और फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे. सीबीआई ने रामभवन को 18 नवंबर 2020 को गिरफ्तार किया था. जांच में आरोपी के घर से 8 मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव, सेक्स-टॉय और 8 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे. सीबीआई की ओसीएसएई यूनिट ने जांच में पाया कि आरोपी कम से कम 50 बच्चों का यौन शोषण कर चुका था और उनके वीडियो-फोटो डार्क वेब और क्लाउड नेटवर्क के माध्यम से 45 देशों में भेजे गए थे.

मोबाइल, चॉकलेट और घड़ी का देते थे लालच

आरोपी बच्चों को मोबाइल, चॉकलेट और घड़ी जैसी चीजों का लालच देता था. वह इंटरनेट, डार्क वेब और ई-मेल के जरिए विदेशी पेडोफाइल नेटवर्क से जुड़ा था और इसके इस गंदे खेल में उसकी पत्नी उसकी मदद करती थी, जिसपर जिसपर CBI टीम ने आरोपी जे ई रामभवन और उसकी पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के सामने पेश किया था, जो कोर्ट में 50 से ज्यादा बच्चों के बयान दर्ज किए गए थे. बांदा कोर्ट ने 18 फरवरी 2026 को पति-पत्नी के खिलाफ दोषी सिद्ध करते हुए उन्हें जेल भेजा था. इसके बाद पॉक्सो कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है.






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